माँ आँतों में छाले पाले जाने कैसे जीती रही बरसों हथेली में उगाती रही सरसों हम रहे आये अनभिज्ञ उसकी ख... माँ आँतों में छाले पाले जाने कैसे जीती रही बरसों हथेली में उगाती रही सरसों हम रह...
तुम ना होते तो ये हसीन सफर आसान ना था, मुझे हिम्मत दी तुम ना होते तो ये हसीन सफर आसान ना था, मुझे हिम्मत दी
दुर्घटना बस एक घटना है देकर साक्ष किसे कटना है। दुर्घटना बस एक घटना है देकर साक्ष किसे कटना है।
घात मे बैठे दुर्योधन कितने चीरहरण के दांव मे घात मे बैठे दुर्योधन कितने चीरहरण के दांव मे
अपनी खैरियत बता कर घर वालों का जानना जरूरी है। अपनी खैरियत बता कर घर वालों का जानना जरूरी है।
एक नई उमंग के साथ, आज फिर मचलने दो। एक नई उमंग के साथ, आज फिर मचलने दो।